गुरुवार, 12 जून 2014

।। जय हिन्द ।। वन्दे मातरम ।।


हे श्याम हिन्द में विपदा आयी, पुरी जाती नही सुनाई,
प्यार जिन्हें कभि किया था तुमने, बदले उसके है रुसवाई।

कालयवन को मार दिया था, हिन्द में उसकी फ़ौज थी आई,
अगणित का संहार किये थे, क्यूँ इनको दिए न मार गिराई,

गोरक्षा आदेश तुम्हारा, इनकी गौओं से कटुताई,
राजा भी हैं यहाँ के जितने, मांग को देते हैं ठुकराई।

हे कान्हा असहाय मैं क्यूँ हूँ, कुछ तो हमपर कर प्रभुताई,
एक एक को गिनकर मारूँ, ऐसी देता प्रकृति बनाई,
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
दिनाँक:- २०/०३/२०१४
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मंगलवार, 10 जून 2014

हे... प्रकृति... ҉‿↗⁀҉ ҉‿↗⁀҉


प्रकृति ने हमेँ जी भर के दिया है..!
फिर क्यो मचाते हम उत्पात..!!
घात लगा बैठे हम प्रकृति का करने उपहास..!!!
वृक्ष-पवन-जल से जीवन अपना..!
फिर क्यो करते हम इनका ह्रास..!!
घात लगा बैठे हम प्रकृति का करने उपहास..!!!
जात-पात का रखे न वो बंधंन..!
फिर क्यो करते हम विश्वाघात..!!
घात लगा बैठे हम प्रकृति का करने उपहास..!!!
धन है प्रकृति तो धन्य है मानव..!
वर्ना फिर मिट जायेँगेँ हम अपने आप..!!
घात लगा बैठे हम प्रकृति का करने उपहास..!!!
~~~~~~~> मनीष गौतम "मनु"

दहेज


दहेज का किसने प्रथा बनाई,
किसने इसकी की सुनवाई,
जान हजारों जब खतरे में,
देते ना क्यूँ तुम ठुकराई।

एक ठुकराए जग ठुकराए,
ये तो एक व्योहार बड़ा है,
तुमने माँगा जग ने माँगा,
यह इसके आधार पड़ा है।

कोई कहे ये पुत्र की ख्वाहिश,
इसमें हमरी दखल नहीं है,
अरे मूर्खों क्यूँ नहीं कहते,
भिक्षा दो हम सबल नहीं हैं।

एक ही सुर में अब सब गाओ,
क्रांति दहेज़-मुक्ति की लाओ,
भारत में अब ऐसा नारा,
जन-जन ही दिन रात लगाओ।

"मौर्य" प्रतिज्ञा ऐसी कर लो,
देश-प्रेम कण-कण में भर लो,
भारत का संसार सुखी हो,
प्रीति को ऐसी निर्झर कर दो।
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~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
दिनाँक_________१२/०४/२०१४
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            !!*!!जय हिन्द!!*!!
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जब तक जीवित हैं सुभाष

विश्व में भारत नहीं निराश
जब तक जीवित हैं सुभाष

फौजों का निश्चित विकाश
युवाओं में सदा प्रयास
अखिल विश्व में बड़ा प्रकाश
जब तक जीवित हैं सुभाष

नहीं गुलामी है बर्दाश
हिन्द श्रेष्ठ है पर्दाफास
झुक जाएँ हम ये बकवास
जब तक जीवित हैं सुभाष

नहीं किसी में इतनी हिम्मत
करे हमारी गणना सम्मत
अनोखा अपना है लिबास
जब तक जीवित हैं सुभाष

"मौर्य" अदा क्या कर्ज करेंगे
फिर भी अपना फर्ज करेंगे
हम जहाँ गिरेंगे महाँ विनाश
जब तक जीवित हैं सुभाष।
_____जय हिन्द_____
~~~~~~~~~अंगिरा प्रसाद मौर्या
दिनाँक- १०/०६/२०१४

सोमवार, 9 जून 2014

अनमोल धन...

माँ-बाप की सेवा कर लेँ हम जिवन सफल बना जायेँगे | इनकी पूजा करने से तो देवता भी खुश हो जायेँगे|| पर विसंगती की पहले प्यार को कभी भुलाया नहीँ जा सकता और हम पहले ही प्यार को भुल जाते है ? खैर मित्रो कल शाम थी तो आज नई  सुबह जरुर होगी , अपनी भुल-चुक हम सुधार ले, इस नई सुबह से जिन्दगी सुहानी होगी ... (((((((((( सु-प्रभात )))))))))
҉‿↗⁀҉ मित्रवर ҉‿↗⁀҉
आपका दिवस मंगलमय हो ..

मै निकल पड़ा हूँ .....

मै निकल पड़ा हूँ .....
मै निकल पड़ा हूँ उस पथ पर ,
जिस पथ शोले उगलते अँगारे है ||
पर लिए हौसला बुलंदियाँ छुने का,
अब मुझे बढ़ते रहना है हर हालो मे ||
भूख गरिबि दरिद्रता से पेच लड़ा अब,
लड़ने चला हूँ उन्ही गलियारो मे ||
पद लोलुप्ता का मोह नहीँ मन मे
नेकी करने चला हूँ हर घर-द्वारे मे | |
दिखे शेर सा सुन्दर हो मोर सा,
भारत मढ़ने चला हूँ खेत-खलियानो मे||
!!*!!* जय हिन्द*!!*!! वन्दे मातरम् *!!*!!
~~~~~~> मनीष गौतम "मनु"

शनिवार, 7 जून 2014

जहाँ आँकलन हो, हमारा वतन हो।

जमीं हो गगन हो, अमन हो चमन हो,
जहाँ आँकलन हो, हमारा वतन हो,

नए सिलसिले हैं, बढ़े हौंसले हैं,
सभी साथ आओ, यही गीत गाओ,
झुकेंगे नहीं अब,  सर-मेरे कफ़न हो।
जहाँ आँकलन हो, हमारा वतन हो।

हो पहला तिरंगा, मइया जिसकी गंगा,
वर्षों विलग हों, रहती फिर भी चंगा,
ऐसा मेरा भारत, तो कैसे पतन हो।
जहाँ आँकलन हो, हमारा वतन हो।

हम नहीं रुकेंगे, चलेंगे चलेंगे,
माँ के आबरू को, शिखर पे रखेंगे,
जहाँ में ये भारत, सभी का सपन हो।
जहाँ आँकलन हो, हमारा वतन हो।
_______जय हिन्द_______
दिनाँक___०७/०६/२०१४
~~~~~~~~~ अंगिरा प्रसाद मौर्या।

शनिवार, 24 मई 2014

जय हिन्द


हमारे भारत की संस्कृति :-
गौ सेवा से जानी जाती है
परोपकार से जानी जाती है,
लज्जा/इज्जत/सम्मान से जानी जाती है,
योगपूर्णता से जानी जाती है।
दैविक सक्तियों के उपज से जानी जाती है,
"
परन्तु:-
गौ भक्षण से कदापि नहीं,
मन्सो के बाजार में वृद्धि से कदापि नहीं,
बेइज्जती/नग्न होकर चलने से कदापि नहीं,
समलैंगिगता को हरी झंडी दिखाने से कदापि नहीं,
लाचारी से कदापि नहीं।
"
इसलिए सत्ता छीनना बहुत जरूरी था।
जिस तरह प्राचीन काल में क्षत्रिय होने के नाते एक राजा होने का अधिकार होता था,
ठीक उसी तरह एक भारतवासी होने के नाते भारत माता की छिनती  इज्ज़त आबरू (भारतीय संस्कृति) को बचाने के लिए प्रत्येक का कर्तव्य एवं धर्म हो जाता है।
""""""""""
मोदी जी ने नवाज शरीफ को अपने अनुसार न्योता दिया है, वे भारत-हृदय हैं, इसलिए भारत-विरोधियों से पूंछ कर नहीं अपितु अपनी संस्कृति अनुसार और भारतीयों से समझ कर फैसला करने में पूर्ण स्वतंत्र हैं।

इसे पढ़ने वाले एक बार जय हिन्द अवश्य लिखें।
*******जय हिन्द JAY HIND

शुक्रवार, 23 मई 2014

जय हिन्द, जय हिंदुत्व

सादर नमन ! स्वजनों !
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आजकल बहुत से लोग इस बात को लेकर चिंतित और बहुत विरोध में हैं, खासकर के कोंग्रेसी बहुत विरोध और आरोप लगा रहें हैं कि, "श्री मोदी जी ने शपथ ग्रहण के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को न्योता क्यों दिया।
"""""""
दुख की बात तो यह है की श्री नरेंदर मोदी जी को समझने का प्रयास कोई नहीं कर रहा है और अपनी मानसिकता खोये जा रहे हैं।
"
आरोपियों और विरोधियों को भी यह भलीभांति मालूम है कि श्री मोदी जी माननीय श्री अटल जी के पदचिन्हों पर चल रहे हैं, और उससे भी पहले वे भगवान श्री राम के बताये गये मार्गों एवं आदेशों का पालन कर रहें हैं।
"
इसमें से रामायण पूरा न सही तो थोड़ा बहुत सभी को मालूम होगा अथवा सीरियल पर देखे होंगे।

सबको यह ज्ञात होगा,
"
रावण जब खुद ही यज्ञ करावे,
है कौन जो भंग करन को आवे।
~~~~~~~~~APM
अर्थात:- लंका पर चढ़ाई करने हेतु मार्ग बनाते समय भगवान श्री राम ने स्वयं लंकापति रावण को महापंडित एवं महाविद्वान की उपाधि देकर पूजा संपन्न करने को बुलवाया था।
अब,
     जब स्वयं लंकापति ही पूजा को संपन्न कराएगा, तो ऐसी किसकी हस्ती है जो पूजा भंग कराएगा।
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अब हमने बहुत कुछ खंडन कर दिया, अब आप बुद्धिजीवी स्वयं हमारा आशय समझने की कृपा करें/-
क्योंकि हम किसी पर बिना सुबूत के आरोप लगाकर आरोपी नहीं बनना चाहते।
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आपका शुभचिन्तक___अंगिरा प्रसाद मौर्या।
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          !!*!!जय हिन्द!!*!!
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